-रघुवीर सहाय
?
गुन हरचरना गाता है।
मखमल टमटम बल्लम तुरही
पगड़ी छत्र चंवर के साथ
तोप छुड़ाकर ढोल बजाकर
जय-जय कौन कराता है?
पूरब पश्चिम से आते हैं
नंगे-बूचे नरकंकाल
सिंहासन पर बैठा, उनके
तमगे कौन लगाता है?
कौन-कौन है वह जन-गण-मन-
अधिनायक वह महाबली
डरा हुआ मन बेमन जिसका
बाजा रोज बजाता है!
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5 टिप्पणियॉं:
gambhir kavita k liye dhanyabad.
बहुत सही सवाल किया हैं उत्तर भी निहित हैं ....
इस सार्थक प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें.
कृपया मेरे ब्लॉग" meri kavitayen" की नवीनतम पोस्ट पर पधारकर अपना स्नेह प्रदान करें.
बढ़िया कविता
हम्म
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