-राशिद हुसैन 'राही'-
उन्हें हमसे मोहब्बत हो रही है।
जभी हरदम शरारत हो रही है।
हिलाकर रख दिया है ज़लज़लों ने,
क़यामत पर क़यामत हो रही है।
किसी की मुस्कराहट का असर है,
जो बेहतर अपनी हालत हो रही है।
मोहब्बत तो दिलों से उड़ चुकी है,
अदा रस्मे मोहब्बत हो रही है।
किसी तूफाँ के आने की ख़बर है,
जिधर देखो इबादत हो रही है।
हिन्दी ब्लॉगर्स अवार्ड
"संवाद डॉट कॉम" द्वारा 20 श्रेणियों में दिये जाने वाले 2009 के श्रेष्ठ ब्लॉगर्स सम्मान की घोषणा प्रारम्भ हो चुकी है।






6 टिप्पणियॉं:
sundar rachnaa...
wah...wah...!
मोहब्बत तो दिलों से उड़ चुकी है,
अदा रस्मे मोहब्बत हो रही है।
किसी तूफाँ के आने की ख़बर है,
जिधर देखो इबादत हो रही है।
waah !
बहुत ही अच्छी ग़ज़ल. हर शेर बेशक़ीमती.
har sher lajawaab..........kis kis ki tarif karun.
Nice Poem
एक टिप्पणी भेजें