-आसमा बेगम-
आहटों पर तेरे आने का गुमां होता है।
दिल की धड़कनों का दर्द जवां होता है।
तू रहे न रहे साथ मगर ऐ हमदम,
घर के हर कोने में तेरा ही निशा होता है।
दर्द दिल का मेरे कुछ और भी बढ़ जाता,
रूठ के मुझसे कभी तू जो वहां होता है।
रूसवा होके भी न भूली हूँ तेरी उल्फत को,
हाले जज्बा मेरी आँखों से अयां होता है।
वादा जब भी किया आने का तू ऐ जाने जहाँ,
खुश नुमा दिल नशी हंसी वो समाँ होता है।
ग़म की तासीर से आ जाते हैं आँसू असमा,
रहके खामोश भी अफसाना बयाँ होता है।
..वयस्क श्रोताओं के बीच बाल कहानियों का पाठ।
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‘साझी दुनिया’ लखनऊ की एक चर्चित संस्था है, जो ‘झूठा सच’ जैसे युगान्तरकारी उपन्यास लिखने वाले रचनाकार यशपाल जी के महानगर स्थित मकान (बी-335) में स्थित है। ...
2 दिन पहले


3 टिप्पणियॉं:
वादा जब भी किया आने का तू ऐ जाने जहाँ,
खुश नुमा दिल नशी हंसी वो समाँ होता है।
बेहद खुबसूरत नज़्म, बेहद पसंद आई...
regards
sundar bhav.
Maja aa gaya
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