दिल की धड़कनों का दर्द जवां होता है।

-आसमा बेगम-

आहटों पर तेरे आने का गुमां होता है।
दिल की धड़कनों का दर्द जवां होता है।

तू रहे न रहे साथ मगर ऐ हमदम,
घर के हर कोने में तेरा ही निशा होता है।

दर्द दिल का मेरे कुछ और भी बढ़ जाता,
रूठ के मुझसे कभी तू जो वहां होता है।

रूसवा होके भी न भूली हूँ तेरी उल्फत को,
हाले जज्बा मेरी आँखों से अयां होता है।

वादा जब भी किया आने का तू ऐ जाने जहाँ,
खुश नुमा दिल नशी हंसी वो समाँ होता है।

ग़म की तासीर से आ जाते हैं आँसू असमा,
रहके खामोश भी अफसाना बयाँ होता है।

3 टिप्‍पणियॉं:

seema gupta ने कहा…

वादा जब भी किया आने का तू ऐ जाने जहाँ,
खुश नुमा दिल नशी हंसी वो समाँ होता है।
बेहद खुबसूरत नज़्म, बेहद पसंद आई...

regards

वन्दना ने कहा…

sundar bhav.

Amit ने कहा…

Maja aa gaya